
सोलन के पानी को लेकर सियासत
सोलन। सोलन में पानी को लेकर सियासत गर्मा गई है। भाजपाई पेयजल समस्या को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं। तो वहीं आईपीएच और विद्युत बोर्ड के अधिकारियों में आपस में ठनी हुई है। बिजली किल्लत को लेकर एक-दूसरे को दोषी ठहराया जा रहा है।
इस संबंध में आईपीएच के अधीक्षण अभियंता पंकज ढढवाल ने गौडा सब स्टेशन की रिपोर्ट की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि लीकेज और आईपीएच की कोताही के चलते पानी का संकट है। गौड़ा में काफी संख्या में पानी की पाइपें लीक कर रही हैं। हजारों लीटर पानी व्यर्थ में बह रहा है। उधर, प्रमुख अभियंता (ईएनसी) आरके शर्मा का कहना है कि पानी की समस्या महज लो वोल्टेज से आ रही है। इसमें आईपीएच विभाग की कोई कोताही नहीं है। उन्होंने किसी भी जांच रिपोर्ट को सिरे से नकार दिया है। वहीं भाजपा मंडल सोलन के लोकेश्वर शर्मा, शैलेंद्र गुप्ता, तीर्थानंद के अलावा भाजयुमो के प्रेस सचिव मुकेश शर्मा ने कहा कि सब की जिम्मेवार कांग्रेस सरकार है और स्थानीय मंत्री धनी राम शांडिल का ढीला रवैया है। इससे पहले सोलन में इस तरह का पेयजल संकट नहीं आया है। अगर व्यवस्था न सुधरी तो आंदोलन के सिवा और कोई चारा नहीं।
जांच रिपोर्ट
01: विद्युत बोर्ड ने गिरि के गौड़ा लिफ्ट वाटर सप्लाई स्कीम को लेकर 24.11.2013 की जांच रिपोर्ट जारी की है। इसमें एमडी विद्युत बोर्ड और एसई (ईएस टूटू) की अगुवाई हुए निरीक्षण का उल्लेेख किया है। इंस्पेक्शन रिपोर्ट में कहा गया है कि 04 वाटर लिफ्टिंग पंप कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त दो पंप अलग से रखे गए हैं। महज 03 पंप पानी लिफ्ट कर रहे हैं।
02: रिकॉर्ड में छानबीन के दौरान पाया है कि अधिकांश समय में पेयजल किल्लत पाइपों के ब्रेक डाउन से हुई है। यह समस्या खराब मोटरों और पानी के कम स्तर और कामन हैड की लीकेज से हुई है। जिसके कारण सोलन समेत 100 गांवों में गिरि पेयजल योजना पानी की सप्लाई देने में विफल रही है।
03: पंप हाउस में लगे कैपेसटर भी चैक किए गए, जो खराब पाए गए हैं। जिन्हें मरम्मत की सख्त जरूरत है। वाटर लिफ्टिंग के लिए लगे तीन पंप में दो कार्य कर रहे हैं और 01 पंप कुछ दिनों के लिए खराब रहा है।
04 : इंस्पेक्शन के समय वोल्टेज क्षमता भी जांची गई है। जिसमें पाया गया है कि 11.6 केवी विद्युत सप्लाई दी जा रही है। यह लिफ्टिंग के लिए पर्याप्त है।
